विमुद्रीकरण मोदी सरकार का साहसिक कदम


 {वर्तमान में  करंसी की(तरलता) कमी का कारण, रिजर्व बेंक की अपनी सीमायें है. रिजर्व बैंक एक सीमा तक ही नोट छापने की शक्ति रखता है. अतः जैसे जैसे जनता की पुरानी करंसी रिजर्व बेंक के पास पहुंचेगी उसे नोट छापने की शक्ति मिलती रहेगी और देश में करंसी की तरलता सामान्य होती जाएगी. अतः यह बात भी आम जनता को समझनी होगी की उनकी वर्तमान परेशानी का कारण योजनाकार नहीं हैं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय नियमों के अंतर्गत रिजर्व बैंक की सीमित शक्तियां हैं,और किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को विश्वस्निये बनाये रखने के लिए आवश्यक भी है, अन्यथा भारतीय रूपए की विश्वसनीयता घट जाएगी और देश की साख पर बट्टा लगेगा.अतः देश की जनता के लिए कठिन परीक्षा की घडी है.}

        गत आठ नवंबर 2016 को भारत सरकार द्वारा पांच सौ और हजार के नोट बंद कर देना, मोदी सरकार का बहुत ही बड़ा और साहसिक कदम है. इस मिशन को जिस प्रकार से योजना बद्ध तरीके से संपन्न किया गया वह अत्यंत सराहनीय कार्य है. मोदी जी की पूरी टीम बधाई की पात्र है, जिसने  इस योजना को पूर्णतयः गोपनीय रखते हुए राष्ट्र हित में कार्य किया.  जो न सिर्फ काला धन रखने वालों पर अंकुश लगायेगा बल्कि नकली मुद्रा छापने वालों,नशीली दवाओं का व्यापार करने वालो एवं आतंकी या अपराधिक  गतिविधियाँ करने वालों की नकेल कसने में सहायक सिद्ध होगा. अवैध(तस्करी इत्यादि) व्यापार करने वालों और हवाला कारोबारियों को भी हतोत्साहित करेगा.

    इस प्रकार के कदम आजादी के पश्चात् आने वाली सभी सरकारें उठा सकती थीं परन्तु राजनैतिक इच्छा शक्ति के अभाव में संभव नहीं हो सका. यहाँ पर यह कहना असंगत  होगा की पहले कोई भी प्रधान मंत्री इस कदम को उठाना नहीं चाहता था. परन्तु इतना बड़ा कदम उठाने से पूर्व सभी सहयोगियों की सहमति आवश्यक होती है.यदि अधिकतर सहयोगी स्वयं भ्रष्ट हों और काले धन के मालिक हों तो वे अपनी सहमति देकर अपने पैरों पर स्वयं कुल्हाड़ी कैसे मार सकते थे. अतः किसी भी सरकार के लिए संभव न हो सका की वह काले धन के विरुद्ध कदम उठा सके. जिस प्रकार से मोदी जी ने इस कार्य को गोपनीय रखते हुए अंजाम दिया वह उनकी साफ़ सुथरी एवं राष्ट्र भक्त टीम के कारण ही संभव हो पाया, और उससे सिद्ध होता है मोदी टीम कितनी ईमानदार और राष्ट्र को समर्पित टीम है,जिसने मोदी जी के पावन उद्देश्य को सफल बनाने में दिन रात जुट कर कार्य किया. यह कदम कोई जादुई चिराग नहीं था जिसे कभी भी सोचा तुरंत लागू कर दिया. यह कार्य अनेक महीनों या वर्षों तक योजनाबद्ध तरीके से किया गया कठिन परिश्रम का ही परिणाम है. हो सकता है गत वर्ष भारी संख्या में बैंक  अकाउंट खुलवाना भी इसी योजना का हिस्सा रही हो. जिसके अंतर्गत अभूतपूर्व रिकोर्ड करोड़ों की संख्या में अकाउंट खोले गए और देश के गरीब से गरीब व्यक्ति को अकाउंट खोलने के लिए प्रेरित किया गया.

  मोदी जी की इस आर्थिक क्रांति से देश को प्रत्येक मोर्चे पर आगे बढ़ने में सहायता मिलेगी देश से भ्रष्टाचार को मिटाने में मदद मिलेगी, देश को आतंक वाद से छुटकारा दिलाने में सहयोग प्राप्त होगा,सीमा पर बढ़ते जा रहे तनाव को घटाने में मदद मिलेगी, देश की युवा पीढ़ी को नशे की लत का शिकार बनाने वाले और नकली नोट छाप कर देश की अर्थव्यवस्था को  नेस्तनाबूद करने के इरादे रखने वाले देश के दुश्मनों की हरकतों पर लगाम लग सकेगी.सभी पार्टियों के नेता चुनाव के समय चुनाव जीतने और जनता को भ्रमित करने के लिए भारी मात्रा में काले धन का प्रयोग करते आ रहे हैं, अब उनके लिए ऐसा कर पाना असंभव हो जायेगा. विश्व में देश का सम्मान बढेगा, देश विकसित देशों के श्रेणी में शामिल होने के लिए तैयार हो सकेगा.

देश की जनता भी बधाई की पात्र

     मोदी जी के मिशन को कामयाब बनाने के लिए जिस प्रकार से जनता का सहयोग एवं समर्थन मिला  वह अभूतपूर्व है. छोटे से छोटा व्यक्ति भी मोदी जी के इस कदम से खुश है, और वह देश हित में वर्तमान असुविधा को झेलने के लिए प्रतिबद्ध है. आज मोदी जी के इस कदम से गरीब खुश है तो भ्रष्ट अमीर परेशान है, दुखी है. आम जनता यह समझती है मोदी जी के इस कदम से देश और समाज के विकास को गति मिलेगी,गरीबों की समस्याओं पर अंकुश लग सकेगा. उन्हें गरीबी, बेरोजगारी, अभावों की जिंदगी से निजात मिलेगी.अब देश की जनता को समझ आने लगा है, की सकारात्मक राजनीति और नकारात्मक राजनीति में क्या अंतर है. आजादी के पश्चात् जितने भी नेता आये सबने वायदे बढ चढ कर किये, परन्तु सत्ता प्राप्त करने के पश्चात् उनके  व्यवहार और कार्य ने जनता को निराश ही किया,उनकी नकारात्मक राजनीति ने देश का विकास कम, अपना और अपने परिवार का  विकास अधिक किया और विदेशों में जाकर अपनी तिजोरियां भरते चले गए. इस प्रकार नेताओं ने देश की जनता को येन केन प्रकारेण ठगने का प्रयास किया. दिल्ली में भ्रष्टाचार,अनाचार अत्याचार,अपराध,अन्याय के विरुद्ध लडाई करने का वादा करके आये, अरविन्द केजरीवाल की अप्रत्याशित जीत और मुख्य मंत्री बनने  के पश्चात् उनकी  कार्यशैली नवीनतम उदाहरण है. केजरीवाल की आप पार्टी के आधे से अधिक विधायक अपराधिक, अनैतिक कार्यों के लिए जिम्मेदार पाए गए. आज दिल्ली की जनता फिर से एक बार अपने को ठगा महसूस कर रही है.मोदी जी रूप में पहली बार देश को एक सकारात्मक  राजनीति करने वाला नेता मिला है.जिससे देश की जनता गद गद है,और विपक्षी दलों  के नेता सदमे में हैं.

      एक बार मोदी जी ने स्वयं कहा है की समाज में एक नेता की छवि सर्वाधिक बदनाम रही  है,और मैं भी इसी बिरादरी का हिस्सा हूँ.

आर्थिक क्रांति के कदम से आम जनता हलकान;-

     मोदी जी  के क्रांतिकारी कदम से आम जनता के लिए अनेक प्रकार की परेशानियाँ उत्पन्न की है,यद्यपि आम जनता इन सब परेशानियों का डट कर सामना करने को तैयार है.परन्तु आम जन के समक्ष जिस प्रकार से समस्याएँ आ रही है शायद इन समस्याओं का आंकलन योजनाकारों ने भी नहीं किया होगा.करंसी की कमी ने सभी को हिला कर रख दिया है.

  1. विशेष तौर पर व्यापारी छोटा हो या बड़ा उसका व्यापार कुछ समय के लिए लगभग ख़त्म हो चुका है. उसकी साख दाव पर लग चुकी है. आज उसका माल नकदी के अभाव में उधार में जा रहा है. अतः उसे नया माल खरीदने के लिए धन का अभाव हो गया है और दुकान,गोदाम,शो रूम में वैराइटी बनाये रखना असंभव हो रहा है, उसकी बिक्री 10% तक रह गयी है.अनेक सर्राफों ने अपने शोरूम कुछ समय के लिए बंद रखना ठीक समझा है.
  2. जिनके परिवार में शादी तय हो चुकी है उनके लिए यह अप्रत्याशित घटना, अनेक समस्याएं लेकर आयी है,उनके लिए एन वक्त पर सारी व्यवस्था करना लगभग असम्भव हो गया है. यद्यपि सरकार ने शादी के घर वालों की सुविधा के लिए अलग से स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रमाणित कराने के पश्चात् पांच लाख रूपए तक निकालने की व्यवस्था की है.परन्तु अभी यह जानकारी बहुत कम लोगों को है और सरकार द्वारा कुछ देर से की गयी व्यवस्था है.
  3. जो खाताधारक बीमार हैं,वृद्ध हैं,या दिव्यांग हैं,और पंक्ति में लगने की क्षमता नहीं रखते उनके लिए यह आर्थिक क्रांति मुसीबत बन कर आयी है. अनेक लोगों के घरों में भोज्य पदार्थों का अभाव हो गया है, बीमार व्यक्ति के लिए दवा खरीदना एक पहेली बन चुका है. यद्यपि मेडिकल स्टोर को पहले तीन दिन तक छूट दी गयी थी की वे पुरानी करंसी ले सकेंगे, जिसे बाद में फिर से तीन दिन के लिए बढ़ा दिया गया परन्तु जानकारी के अभाव में जनता परेशान रही.
  4. जो लोग भ्रमण पर निकले हैं उनके लिए अपने निवास तक लौटना परेशानी का सबब बन गया है, क्योंकि सभी भुगतान डेबिट कार्ड से करने के बावजूद,गंतव्य स्थान तक पहुँचने के लिए, किराया भाडा अदा करने के लिए, नकदी का होना आवश्यक है.

करंसी की कमी का कारण

     करंसी की कमी का कारण, रिजर्व बेंक की अपनी सीमायें है. रिजर्व बैंक एक सीमा तक ही नोट छापने की शक्ति रखता है. अतः जैसे जैसे जनता की पुरानी करंसी रिजर्व बेंक के पास पहुंचेगी उसे नोट छापने की शक्ति मिलती रहेगी और देश में करंसी की तरलता सामान्य होती जाएगी. अतः यह बात भी आम जनता को समझनी होगी की उनकी वर्तमान परेशानी का कारण योजनाकार नहीं हैं बल्कि अंतर्राष्ट्रीय नियमों के अंतर्गत रिजर्व बैंक की सीमित शक्तियां हैं,और किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को विश्वस्निये बनाये रखने के लिए आवश्यक भी है, अन्यथा भारतीय रूपए की विश्वसनीयता घट जाएगी और देश की साख पर बट्टा लगेगा.अतः देश की जनता के लिए कठिन परीक्षा की घडी है.

जरा सोचिये.

यहाँ पर यह सोचना भी आवश्यक है की देश हित में उठाये गए कदम से जनता को होने वाली परेशानियां  क्या

1,उससे भी अधिक है, जब देश किसी युद्ध की स्थिति से गुजरता है,या गुजर सकता है और आजकल तो परमाणु हमले का खतरा भी बना रहता है.

२,उससे भी अधिक है,जब देश के काले धन से पलने वाले आतंकियों द्वारा आम जनता हमले का शिकार होती है, और मुम्बई जैसे हमलों में सैंकड़ो निर्दोष लोगो की जाने चली जाती है.

3, उससे भी अधिक है,जब चंद षड्यंत्रकारी अपराधी नकली नोट छाप के देश की अर्थव्यवस्था को नष्ट कर दें और हमें एक ब्रेड ख़रीदने के लिए भी थैले भर कर नोट ले जाने पड़े और हमें ब्रेड उपलब्ध न हो पाए.अर्थात हमारे रूपए की कीमत लगभग शून्य हो जाय.

४, उससे भी भयंकर है,जब नशे के व्यापारी अपनी कमाई के लिए हमारे बच्चों,हमारे युवाओं को ड्रग्स के नशे में धकेल कर उनका और उनके परिवार का जीवन अँधेरे में धकेल दें.

५,उससे भी अधिक कष्टकारी है जब अवैध धन से खरीदे गए हथियारों से सीमा पर हमारे जवान शहीद होते रहें, ये जवान भी हमारे समाज का ही अंग हैं, हमारे अपने ही हैं.

      उपरोक्त समस्त बातों पर ध्यान दिया जाय तो जनता की वर्तमान आर्थिक क्रांति से होने वाली कुछ समय की परेशानियां बहुत कम दिखाई देने लगेंगी. देश हित और समाज कल्याण के लिए सरकार का सहयोग करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है. जो लोग परेशान हैं उनकी सहायता कर उन्हें समस्या से निकालना प्रत्येक सक्षम व्यक्ति के लिए पुन्य का कार्य होगा.(SA-199D)


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