विमुद्रीकरण मोदी सरकार का साहसिक कदम

 {वर्तमान में  करंसी की(तरलता) कमी का कारण, रिजर्व बेंक की अपनी सीमायें है. रिजर्व बैंक एक सीमा तक ही नोट छापने की शक्ति रखता है. अतः जैसे जैसे जनता की पुरानी करंसी रिजर्व बेंक के पास पहुंचेगी उसे नोट छापने की शक्ति मिलती रहेगी और देश में करंसी की तरलता सामान्य होती जाएगी. अतः यह … More विमुद्रीकरण मोदी सरकार का साहसिक कदम

अन्याय का शिकार भारतीय किसान

      गत बीस वर्षों में करीब सवा तीन लाख किसानों ने देश के विभिन्न हिस्सों में आत्महत्या की है, जिनमे मुख्यतः उ.प्र., हरियाणा, म.प्र., पंजाब, महाराष्ट्र राज्यों में अधिकतर आत्महत्या की घटनाएँ हुई हैं. अक्सर बेमौसम वर्षा ,ओला वृष्टि,सूखा के कारण किसानों की फसल चौपट होती रहती है और किसानों के जीवन को … More अन्याय का शिकार भारतीय किसान

क्या हिंदी देश की सर्वमान्य भाषा बन पायेगी?

क्या हिंदी देश की सर्वमान्य भाषा बन पायेगी? सैंकड़ो  वर्ष पूर्व जब अंग्रेजों  ने हमारे देश पर शासन स्थापित कर लिया , तो उन्हें शासकीय कामकाज के लिए  क्लर्क तथा अन्य छोटे स्टाफ की आवश्यकता थी,जो अंग्रेजी में कार्य कर उन्हें सरकारी कामकाज में  मदद कर सकें। उन दिनों देश में शिक्षा का प्रचार प्रसार बहुत कम था. … More क्या हिंदी देश की सर्वमान्य भाषा बन पायेगी?

विश्व व्यापी आतंकवाद का मुस्लिम समाज पर प्रभाव

        आज विश्व व्यापी आतंकवाद समस्त विश्व की शांति पर प्रश्नचिन्ह लगा  चुका है.जिस प्रकार से मुस्लिम धर्म की कट्टरता की आड़ में विश्वव्यापी आतंकवाद को प्रायोजित किया जा रहा है.  इससे पूरे विश्व की जनता तो उद्वेलित है ही, मुस्लिम समाज की विश्वसनीयता और स्वीकार्यता पर भी प्रभाव  पड़ा है. समस्त मुस्लिम समाज को … More विश्व व्यापी आतंकवाद का मुस्लिम समाज पर प्रभाव

आरक्षण बना गले की हड्डी

{ हमेशा चलने वाली आरक्षण व्यवस्था आरक्षित वर्ग को बैसाखी के सहारे की आदत बन जाती है, उसे धूप से बचने के लिए हमेशा छाता चाहिए. अतः उसे कभी भी स्वस्थ्य प्रतिद्वंद्विता का स्वाद चखने को नहीं मिलेगा और उसके विकास का रास्ता हमेशा के लिए समाप्त हो जायेगा. उस वर्ग में कभी विद्वान् नहीं … More आरक्षण बना गले की हड्डी

गैर जिम्मेदार मीडिया ने किया बंटाधार

       आर्थिक उदारीकरण से पूर्व देश में सिर्फ सरकारी चैनल ही प्रसारण किया करते थे. ये चैनल जनता को वही सब कुछ प्रस्तुत करते थे, जो सत्तारूढ़ नेता जनता के समक्ष पेश करने को आदेशित करते थे. अतः टी.वी. चैनल सरकारी भोंपू के नाम से जाने जाते थे. जनता को एक तरफ़ा समाचार(सरकार द्वारा प्रायोजित) … More गैर जिम्मेदार मीडिया ने किया बंटाधार

भारतीय राजनीति का अपराधीकरण

  आज विश्व भर में मानव मात्र के कल्याण के लिए किसी भी देश की शासन व्यवस्था के लिए लोकतान्त्रिक सरकार(जनता द्वारा चुनी हुई सरकार) का  गठन सर्वोत्तम शासन प्रणाली माना जाता है. परंपरागत राजशाही अथवा तानशाही के राज को नकार दिया गया है. जनता द्वारा चुनी सरकार को ही समय का तकाजा माना जाता … More भारतीय राजनीति का अपराधीकरण

अपराधिक राजनीतिकरण

                  आज विश्व भर में मानव मात्र के कल्याण के लिए किसी भी देश की शासन व्यवस्था के लिए लोकतान्त्रिक सरकार(जनता द्वारा चुनी हुई सरकार) का गठन सर्वोत्तम शासन प्रणाली माना जाता है. परंपरागत राजशाही अथवा तानशाही के राज को नकार दिया गया है. जनता द्वारा चुनी सरकार को ही समय का तकाजा माना जाता … More अपराधिक राजनीतिकरण